प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान मलेशिया और इथियोपिया के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें सेमीकंडक्टर, रक्षा खरीद और महत्वपूर्ण खनिजों पर जोर दिया गया।

  • भारत और मलेशिया सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और टैलेंट मोबिलिटी में सहयोग बढ़ाएंगे।
  • इथियोपिया ने खनन क्षेत्र में भारतीय निवेश और रक्षा खरीद में रुचि दिखाई है।
  • दोनों देशों ने वैश्विक मंच पर 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को बुलंद करने पर सहमति जताई।

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन वार्ताओं का मुख्य केंद्र रक्षा, निवेश और व्यापक सहयोग रहा, जो भारत की वैश्विक रणनीतिक पहुंच को दर्शाता है।

भारत-मलेशिया: सेमीकंडक्टर और डिजिटल अर्थव्यवस्था

पीएम मोदी और पीएम अनवर इब्राहिम के बीच हुई चर्चा में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई। भारत अपनी चिप निर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए मलेशिया के साथ सहयोग करना चाहता है। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने फिनटेक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की।

रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों ने personnel ट्रेनिंग और रक्षा खरीद के माध्यम से संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने भारत-मलेशिया संबंधों को "समुद्री पड़ोसियों और करीबी साझेदारों" के रूप में परिभाषित किया, जो दोनों देशों के लोगों के विश्वास पर आधारित है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में मलेशिया को शामिल करके भारत अपनी तकनीकी संप्रभुता को सुरक्षित कर रहा है। यह कदम न केवल आयात पर निर्भरता कम करेगा बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेगा।

"पारंपरिक व्यापार से हटकर सेमीकंडक्टर्स और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे उच्च-तकनीकी सहयोग की ओर बढ़ना भारत की कूटनीति के एक नए युग की शुरुआत है।"

भारत-इथियोपिया: अफ्रीका के साथ नए आयाम

प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक में पीएम मोदी ने भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। इथियोपिया ने विशेष रूप से अपनी खनन कंपनियों में भारतीय निवेश का स्वागत किया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।

दोनों नेताओं ने ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की सामूहिक आवाज को बुलंद करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह चर्चा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विकासों, विशेष रूप से विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित रही।

मुख्य क्षेत्र मलेशिया द्विपक्षीय इथियोपिया द्विपक्षीय
प्राथमिक तकनीक सेमीकंडक्टर और फिनटेक खनन और स्वास्थ्य सेवा
रक्षा समुद्री सुरक्षा और प्रशिक्षण क्षमता निर्माण और सुरक्षा
रणनीतिक लक्ष्य इंडो-पैसिफिक कनेक्टिविटी ग्लोबल साउथ नेतृत्व
क्या आप जानते हैं?: मलेशिया भारत के निमंत्रण पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में एक 'पार्टनर कंट्री' के रूप में भाग ले रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर डील का क्या महत्व है?
यह भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला बनाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।

प्रश्न 2: इथियोपिया भारतीय खनन निवेश पर क्यों जोर दे रहा है?
इथियोपिया के पास प्रचुर खनिज संसाधन हैं और वह अपने खनन क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए भारतीय विशेषज्ञता और पूंजी चाहता है।